लखनऊ। उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने पूर्ववर्ती अखिलेश सरकार के एक और फैसले को बदल दिया है। प्रदेश की निकायों में खाली पदों पर भर्ती का जिम्मा फिर से उप्र अधीनस्थ सेवा चयन आयोग को दे दिया गया है। सरकार के इस प्रस्ताव को कैबिनेट ने भी मंगलवार को अपनी मंजूरी दे दी।

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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में आज शाम लोकभवन में मंत्रिमंडल (कैबिनेट) की बैठक हुई। इस दौरान श्रम विभाग की नियमावली में संशोधन समेत सरकार के कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों को पारित किया गया। कैबिनेट में पारित किये गये प्रस्तावों के बारे में जानकारी देते हुए प्रमुख सचिव सूचना अवनीश अवस्थी ने बताया कि उप्र पालिका (केंद्रीयित) सेवा एवं उप्र पालिका और जल संस्थान, जलकल अभियंत्रण (केंद्रीयत) सेवा एवं अकेंद्रीयित सेवा की सीधी भर्ती जिनका ग्रेड पे-1900 से 4200 है, को पूर्व की भांति उप्र अधीनस्थ सेवा आयोग से ही कराया जाएगा। विभागीय जानकारी के मुताबिक केंद्रीयित के 650 पद और अकेंद्रीयित सेवा के 1850 पद रिक्त हैं। जल्द ही इन पदों पर भर्ती की प्रक्रिया शुरू होगी।

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गौरतलब है कि पूर्ववर्ती अखिलेश सरकार ने निकायों के रिक्त पदों को भरने के लिए भर्ती का काम आयोग से लेकर नगर विकास विभाग को दे दिया था। आरोप है कि अखिलेश सरकार ने यह निर्णय तत्कालीन नगर विकास मंत्री मो. आजम खान के दबाव में लिया था। अखिलेश सरकार ने यह निर्णय 14 मई, 2016 को हुई कैबिनेट की बैठक में लिया था। 

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