लखनऊ। बाहुबली ​विधायक मुख्तार अंसारी के भाई अफजाल अंसारी ने उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार पर उनके भाई के साथ सौतेला व्यवहार करने का आरोप लगाया है। अफजाल ने शुक्रवार को डालीबाग स्थित आवास पर प्रेस वार्ता के दौरान यह आरोप लगाए।

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अफजाल अंसारी ने कहा कि मुख्तार अंसारी को बीमार हालत में लखनऊ के पीजीआई से बांदा जेल भेज दिया गया। एक हार्ट अटैक के मरीज को मात्र 40 घंटे ही चिकित्सकों की सेवा मिल सकी। यहां से निकलने के बाद बांदा में भी किसी चिकित्सालय में नहीं सीधे ​जेल में मुख्तार अंसारी को बैरक में रखा गया। प्रदेश की योगी सरकार मुख्तार के साथ सौतेला व्यवहार कर रही है।

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उन्होंने कहा कि पीजीआई में कुछ घंटे बीते ही थे, जब मुख्तार को वहां से हटाने के लिये योगी सरकार के मंत्रियों का फोन आने लगा। मेरे पास इसका सबूत है और इसे न्यायालय के समक्ष रखूंगा। पीजीआई में पुलिस अधिकारी की दादागिरी को सभी ने देखा हैं, उनके द्वारा चिकित्सकों के पास बैठकर जल्द डिस्चार्ज का दबाव बनाने की बात भी मुख्तार के समर्थकों ने देखी है।

मुख्तार के भाई अफजाल ने वाराणसी जेल में बंद एमएलसी बृजेश सिंह का नाम ले कर कहा कि एक आदमी जो 25 साल तक फरार था और जब पकड़ा गया तो उसे वहां जेल के भीतर रखा गया है, जो जहां का रहने वाला हैं।
वाराणसी में पूरा परिवार रहता है। बृजेश सिंह को 365 दिनों तक घर का भोजन मिलता है और वह बीएचयू के अस्पताल में 25 दिनों तक बड़े आराम से रहता है। इसका कारण है कि वह प्रदेश सरकार की पार्टी का हिस्सा है। वहीं मुख्तार को सही से इलाज नहीं दिया जा रहा है और बीमार हालत में ही बांदा रवाना कर दिया जाता है। ये दोहरापन हैं कि नहीं।
प्रदेश सरकार से प्रश्न करते हुये कहा कि मुख्यमंत्री से फोन पर बात कर के मुख्तार को उचित चिकित्सकीय व्यवस्था देने को प्रार्थना किया था, लेकिन वह व्यवस्था दिखायी नहीं पड़ी। मुख्तार के साथ हो रहे गलत व्यवहार के खिलाफ वह न्यायालय का दरवाजा खटखटायेंगे, इसके पहले सरकार ये बताये कि उन्हें जहर दिया गया या फिर उन्हें हार्ट अटैक आया। मेरा मानना है कि प्रदेश सरकार के दबाव में मेडिकल रिर्पोट बदली गयी।

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