नई दिल्ली। स्टेट बैंक ऑफ इंडिया को लेकर विधेयक बुधवार को संसद के उच्च सदन राज्यसभा में पेश होगा, जिसमें एसबीआई की कई सहायक बैंकों में विलय का रास्ता साफ हो जाएगा। स्टेट बैंक्स ( रिपील एंड एमेडमेंट) बिल, 2017 पहले ही लोकसभा में पेश किया जा चुका है।

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राज्यसभा सचिवालय के मुताबिक स्टेट बैंक्स ( रिपील एंड एमेडमेंट) बिल, 2017 बुधवार को केंद्रीय वित्त मंत्री अरूण जेटली राज्यसभा में पेश करेंगे। इस बिल के जरिए सरकार स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (सब्सिडरी बैक्स) एक्ट, 1959; द स्टेट बैंक ऑफ हैदराबाद एक्ट, 1956 को निरस्त करेगी। साथ ही स्टेट बैंक ऑफ इंडिया एक्ट, 1955 में संशोधन करेगी। जेटली ये बिल संसद के मॉनसून सत्र में लोकसभा में पेश कर चुके हैं।

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स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (सब्सिडरी बैक्स) एक्ट, 1959; द स्टेट बैंक ऑफ हैदराबाद एक्ट, 1956 के जरिए सरकार ने स्टेट बैंक ऑफ इंडिया की सहायक बैंकों, स्टेट बैंक ऑफ बीकानेर, स्टेट बैंक ऑफ मैसूर, स्टेट बैंक ऑफ पटियाला, स्टेट बैंक ऑफ त्रावणकोर और स्टेट बैंक ऑफ हैदराबाद की स्थापना की थी। अब इन बिल के निरस्त होने से एसबीआई अपनी इन सहायक बैंकों का अधिग्रहण कर सकेगी।

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