नई दिल्ली। पाक जेल में बंद भारतीय नागरिक कुलभूषण जाधव की मां-पत्नी के साथ पाकिस्तान में 25 दिसम्बर को हुए बुरे व्यवहार पर भारत सरकार की आपत्ति के बाद अब पाकिस्तान सरकार ने बयान जारी किया है।
पाक विदेश मंत्रालय द्वारा जारी इस बयान में कहा गया है कि हम भारत सरकार के कमांडर जाधव की मां-पत्नी के साथ हुए व्यवहार को लेकर आधारहीन आरोपों को सिरे से खारिज करते हैं। भारत की ओर से ये आरोप पूरी यात्रा के 24 घंटे बाद आए हैं। जबकि कमांडर जाधव पहले ही अपने अपराधों को स्वीकार कर चुके हैं। उन्हें एक आतंकी और जासूस के रूप में सजा की घोषणा की जा चुकी है। हम शब्दों की एक अर्थहीन लड़ाई में लिप्त नहीं रहना चाहते हैं। हमारा खुलापन और पारदर्शिता इन आरोपों को झुठलाती है।

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अगर भारतीय चिंताएं गंभीर हैं तो मेहमान या भारतीय डीएचसी को उन यात्रा के दौरान मीडिया के साथ उठाया जाना चाहिए था, जो वहां उपलब्ध थी, लेकिन एक सुरक्षित दूरी पर, जैसा कि भारत द्वारा अनुरोध किया गया था। इतना ही नहीं कमांडर जाधव की मां ने पाक सरकार के इस मानवतावादी कदम के लिए सार्वजनिक तौर पर पाकिस्तान को धन्यवाद दिया, जो मीडिया द्वारा दर्ज किया गया है। इस मामले में इससे ज्यादा कुछ और कहने की जरूरत नहीं है।
बुधवार को भारतीय विदेश मंत्रालय ने बयान जारी कर कहा था कि पाकिस्तान की जेल में बंद भारतीय नागरिक कुलभूषण जाधव से मिलने गई उसकी पत्नी और मां के साथ वहां बुरा सलूक किया गया। उनके मंंगलसूत्र, बिंदी, चूड़ियां उतरवाई गईं। जाधव की पत्नी के जूते उतरवाए गए, जो मुलाकात के बाद भी लौटाए नहीं गए। हालांकि मुलाकात के पहले ही भारत-पाक के बीच राजनायिक स्तर पर सारी बातें तय कर दी गई थीं, जिसमें महिलाओं को सम्मानित तरीके से कुलभूषण जाधव से मुलाकात करवाना, मीडिया को सीधे बात नहीं करने देना जैसे विषय शामिल थे। बावजूद इसके पाकिस्तान ने लगातार पहले से तय दिशा-निर्देशों का उल्लंघन किया है।

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कुलभूषण की मां-पत्नी को बार-बार पाकिस्तानी मीडिया के सामने लाया गया। पाक मीडिया ने दोनों महिलाओं से चुभते हुए, अपमानजनक सवाल पूछे। इसमें ‘आप एक जासूस की मां है, आप कैसा महसूस करती हैं? आपका बेटा हजारों मासूम लोगों की मौत का जिम्मेदार है, आपका क्या कहना है?’ इतना ही नहीं मुलाकात के दौरान कुलभूषण की मां को अपने बेटे से उनकी मातृभाषा मराठी में बात नहीं करने दी। बातचीत के दौरान यदि कुलभूषण की मां के मुंह से मराठी के शब्द निकल जाते, तो वहां मौजूद पाकिस्तानी अधिकारी टोकने लगते थे। पूरी मुलाकात के दौरान कुलभूषण जाधव तनाव में दिखे। उनके जवाब रटे-रटाए से लगे। वे लगातार ऐसे वाक्यों का प्रयोग करते रहे, जो पूरी तरह से स्क्रिप्टेड लगते हैं। इतना ही नहीं कुलभूषण जाधव को शारीरिक तौर पर जिस तरह पेश किया गया था, वो शक पैदा करता है। मुलाकात के दौरान कुलभूषण और उसकी मां-पत्नी के बीच एक कांच की दीवार थी। बात स्पीकर फोन के जरिए करवाई गई।

कुलभूषण जाधव की मां-पत्नी के साथ गए भारतीय राजनायिक जेपी सिंह को बिना बताए मुलाकात शुरू कर दी गई। बाद में जेपी सिंह के दबाव बनाने पर उन्हें मुलाकात स्थल पर ले जाया गया, लेकिन कुलभूषण जाधव से बात नहीं करने दी। इस तरह पाकिस्तान ने मुलाकात को लेकर पहले से तय तमाम दिशा-निर्देशों का उल्लंघन किया है। पूर्व नौसेना अधिकारी कुलभूषण जाधव को पाकिस्तानी सुरक्षा एजेंसियों ने ईरान-पाक सीमा से अगवा किया था। बाद में जाधव पर जासूसी करने का आरोप लगाकर उन्हें फांसी की सजा सुना दी गई थी, जिस पर हेग स्थित अंतर्राष्ट्रीय न्यायालय ने रोक लगा दी है।

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