इंदौर। इंदौर के नमकीन जहाँ देश-प्रदेश की सीमा लांघ विदेशों में भी लोकप्रिय हो रहे हैं। इस वर्ष इन्दौर भारत का सबसे स्वच्छ शहर भी रहा है। अब इंदौर गुलाब उत्पादन में भी नई पहचान बना रहा है। इंदौर के आसपास 20 से अधिक पॉली हाउस में गुलाब की खेती की जा रही है। वेलेंनटाईन-डे पर औसतन एक करोड़ रुपये से अधिक के गुलाब इंदौर शहर में बिकते हैं, जिनकी पूर्ति इन्हीं पॉली हाउस से की जा रही है। इससे लोगों को बेहतर गुलाब मिलने के साथ किसानों की आय में भी 10 गुना तक की वृद्धि हुई है। इंदौर में पहले गुलाब के फूल पुणे से लाये जाते थे। अब इंदौर स्वयं फूलों के बड़े बाजार के रूप में स्थापित हो रहा है।

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इंदौर के अर्जुन बड़ोद गाँव के किसान अनिल पटेल कृषि में स्नातक हैं। उन्होंने पिता की मेहनत, कृषि की लगातार बढ़ती लागत और उसकी तुलना में कम आय पर काफी विचार किया। उन्होंने अध्ययन किया कि विदेशों में कम भूमि पर अधिक आय वाली फसलें कैसे प्राप्त करते है, मध्यप्रदेश शासन द्वारा संचालित उद्यानिकी विभाग की योजनाओं की जानकारी जुटाई और अधिकारियों से चर्चा की। उन्होंने शासकीय सहायता से पॉली हाउस का निर्माण किया। पहले शिमला मिर्च लगाई, पर कम भाव मिलने से फूलों की खेती का मन बनाया।

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अनिल पटेल ने गुलाब की खेती के लिए विशेष अध्ययन किया। पुणे से गुलाब की कलम मँगाई और पॉली हाउस में तैयार की गई लाल मिट्टी में रोपा। पानी और दवाईयों के लिए ड्रिप इरिगेशन की मदद ली। पॉली हाउस राष्ट्रीय उद्यानिकी मिशन और राष्ट्रीय उद्यानिकी बोर्ड से अनुदान प्राप्त योजना है। इस योजना में लागत का 50 प्रतिशत तक अनुदान दिया जा रहा है। गुलाब की सफलता के बाद दूसरा पॉली हाउस बनाकर जरबेरा के फूलों की खेती शुरू की। अनिल को फूलों की खेती से आज 3 हजार रुपये की प्रतिदिन आमदनी हो रही है। पॉली हाउस में रोज 2 से 3 हजार फूल निकाले जा रहे है।

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इंदौर के सुमित यादव पिछले पाँच सालों से पॉली हाउस में गुलाब की खेती कर रहे है। उन्होंने इजराइल और फ्रांस का दौरा कर वहाँ हाइड्रोपॉनिक पॉली हाउस मल्टी तकनीक का भी गहन अध्ययन किया है। सुमित यादव करीब 2 करोड़ रुपये की लागत से बने पॉली हाउस में प्रतिदिन 2 हजार से अधिक गुलाब के फूलों का उत्पादन कर रहे है। वेलेंनटाईन-डे पर गुलाब की कीमत 15 रुपये तक हो जाती है। इसलिए वह इन्हें कोल्ड स्टोरेज में संग्रह कर उस दिन बेचेंगे जिससे उन्हें 3 लाख रुपये तक की आमदनी की उम्मीद है। इन फूलों को एक सप्ताह तक गुलदस्ते में रखा जा सकता है।
सुमित ने बताया की उन्होंने 4 हजार वर्ग मीटर में 4 पॉली हाउस बनाये हैं। इजराइल की कम्पनी द्वारा इनके यहाँ ऑटोमेटिक प्लांट लगाया जा रहा है, इसमें 500 एकड़ क्षेत्र में पानी की सिंचाई, दवाई और कीटनाशक की व्यवस्था होगी। पौधों की निगरानी कम्प्यूटर के माध्यम से की जायेगी। ऑटोमेटिक मशीन पौधों को दवाईयाँ, न्यूट्रीशन, कीटनाशक आवश्यकता अनुसार खुद उपलब्ध करायेगी। चारों पॉली हाउस से उन्हें प्रतिदिन 15 से 20 हजार गुलाब मिलेगें जिससे शुद्ध आय 20 हजार रुपये प्रतिदिन होगी। सुमित ने एक करोड़ रुपये का कृषि लोन लिया है। वे कहते है ऋण की राशि का भुगतान करने के बाद भी उन्हें पाँच लाख रुपये प्रतिमाह लाभ होने की उम्मीद है।

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