भोपाल/उज्जैन। सूर्य के चारों ओर पृथ्वी के परिभ्रमण के कारण शुक्रवार, 22 दिसम्बर को सूर्य मकर रेखा पर लम्बवत होगा, जिससे उत्तरी गोलाद्र्ध में सबसे छोटा दिन तथा सबसे बड़ी रात होगी। शुक्रवार, 22 दिसम्बर को उज्जैन में सूर्योदय 7 बजकर 5 मिनिट पर तथा सूर्यास्त 5 बजकर 46 मिनिट पर होगा। इस दिन दिन की अवधि 10 घंटे 41 मिनिट तथा रात की अवधि 13 घंटे 19 मिनिट की होगी।

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शासकीय जीवाजी वेधशाला उज्जैन के अधीक्षक डॉ. राजेन्द्र प्रकाश गुप्ता ने इस संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि 22 दिसम्बर के बाद सूर्य मकर राशि में प्रवेश करता है तथा सूर्य की गति उत्तर की ओर दृष्टिगोचर होना प्रारम्भ हो जाती है। सूर्य की उत्तर की ओर गति होने के कारण अब उत्तरी गोलाद्र्ध में दिन धीरे-धीरे बड़े होने लगेंगे और रात छोटी होने लगेगी।

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अगले वर्ष 21 मार्च 2018 को सूर्य विषुवत रेखा पर लम्बवत होगा और इस दिन दिन-रात बराबर होंगे। शासकीय जीवाजी वेधशाला में इस घटना को शंकु यंत्र के माध्यम से प्रत्यक्ष देखा जा सकता है। इस पूरे दिवस शंकु की छाया सबसे लम्बी होकर मकर रेखा पर गमन करती हुई दृष्टिगोचर होगी। इस घटना को धूप होने पर ही हम देख सकेंगे। वेधशाला के अधीक्षक ने आमजन से अनुरोध किया है कि वह शासकीय जीवाजी वेधशाला उज्जैन में आकर खगोलीय घटना को देखकर साक्षी बन सकते हैं।

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