नई दिल्ली। यह एक दुर्भाग्यपूर्ण संयोग है कि भारत जिस दिन बाल दिवस मनाता है उसी दिन अन्तरराष्ट्रीय मधुमेह दिवस भी मनाया जाने लगा है।

कश्मीर घाटी में पथराव की घटनाओं में 90 प्रतिशत की कमी: डीजीपी

मधुमेह या डायबिटीज के बढ़ते रोग की चर्चा अब ज्यादा होती है बचपन बचाने की बातें उसमें पिस कर रह जाती हैं। बहरहाल भारत ने अगर बाल दिवस दिया है तो उसने मधुमेह से निजात पाने के भी अनेक आयाम भी बताएं हैं। इस लिहाज से योग और आयुर्वेद विश्व की भारत को अनुपम देन हैं।

योग जहां लोगों को मधुमेह से दूर रखता है, वहीं आयुर्वेद की दवाएं मधुमेह हो जाने पर ज्यादा कारगर साबित हो रही हैं। वैज्ञानिक एवं औद्योगिक अनुसंधान परिषद यानी सीएसआईआर ने भी इस बात पर मुहर लगाई है। सीएसआईआर द्वारा विकसित मधुमेह की आर्युवेदिक दवा बीजीआर-34 बाजार में एलोपैथिक दवाओं की न केवल बराबरी कर रही है बल्कि उसको अपनाने वाले तेजी से बढ़ रहे हैं।

फार्मास्युटिकल मार्केट रिसर्च आर्गेनाइजेशन (एआईओसीडी अवाक्स) की ताजा रिपोर्ट में कहा गया है कि पिछले दो सालों के भीतर बाजार में आने वाले 6414 दवा ब्रांडों में से टॉप-20 में स्थान पाने वाली दवाओं में सीएसआईआर द्वारा विकसित मधुमेह रोधी दवा बीजीआर-34 प्रमुख है। इसे 20वां स्थान मिला है। इन 20 दवा फार्मूलों को बीमारियों के इलाज के हिसाब से देखें तो टॉप पांच ब्रांडों में से चार मधुमेह के हैं, जिनमें एक बीजीआर-34 भी शामिल है। इस प्रकार बीते दो सालों में बाजार में छाने वाले मधुमेह की चार दवाओं में से एक दवा आयुर्वेद के सिद्धान्तों पर आधारित है।

एआईओसीडी घरेलू दवा बाजार पर शोध करता है। एआईओसीटी के बयान में कहा गया है कि यह वास्तव में अच्छी खबर है कि हर्बल चिकित्सा की उपयोगिता, प्रभाव और मांग बढ़ रही है। दूसरे, इन दवाओं के निर्माण और विपणन प्रक्रिया भी पहले से बेहतर और योजनाबद्ध हुई है, जो लोगों के लिए लाभदायक होगा।

दवा को विकसित करने वाले सीएसआईआर की प्रयोगशाला नेशनल बॉटनीकल रिसर्च इंस्टीट्यूट (एनबीआरआई) लखनऊ के वैज्ञानिक डा. ए. के. एस. रावत ने कहा कि बीजीआर-34 को यह गौरव इसलिए हासिल हुआ क्योंकि यह एनबीआरआई और सीमैप के वैज्ञानिकों के गहन शोध के बाद बनी है। बाजार में लाने से पहले मनुष्यों पर इसके परीक्षण हुए हैं, जिसमें इसकी प्रभाव को परखा गया है। तीसरे, जिस कंपनी एमिल फार्मास्युटिकल को तकनीक हस्तांतरित की गई है, वह दवा के निर्माण में उच्च गुणवत्ता मानकों का पालन कर रही है।

भारत को उत्पादन केंद्र बनाना लक्ष्य : मोदी

पिछले दिनों एआईओसीडी ने इस दवा को पुरस्कार प्रदान किया जिसे एमिल फार्मास्युटिकल के कार्यकारी निदेशक संचित शर्मा ने ग्रहण किया। उन्होंने एक बयान जारी कर कहा कि घरेल दवा उद्योग व्यापक है। ऐसे में टॉप 20 दवाओं में आयुर्वेदिक दवा को स्थान मिलना, यह हमारी चिकित्सा पद्धति के लिए गर्व की बात है। उनकी कंपनी इस दवा के विपणन के साथ-साथ लोगों में मधुमेह के खिलाफ जागरुकता पैदा करने के लिए शिविरों का भी आयोजन कर अपनी सामाजिक जिम्मेदारी का निर्वहन कर रही है।

Advertisement
Nokia
SHARE

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here