नई दिल्ली। कांग्रेस ने बुधवार को केंद्र सरकार द्वारा लाए जा रहे मुस्लिम महिला (विवाह अधिकार संरक्षण) विधेयक-2017 कानून को मनमाना करार देते हुए कहा है कि यह कानून मुस्लिम महिलाओं और बच्चों को स्वावलंबी बनाने एवं सम्मानजनक तौर से जीवनयापन करने के मूलभूत मापदंडों पर खरा नहीं उतरता है। कांग्रेस ने कहा है कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की कथनी और करनी में हमेशा से फर्क रहा है।

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उल्लेखनीय है कि एक साथ तीन तलाक को अपराध ठहराने वाला यह विधेयक लोकसभा में पारित हो चूका है। सरकार आज इसको राज्यसभा में रखेगा। उच्च सदन में पारित होने के बाद यह विधेयक राष्ट्रपति के पास जाएगा। उसके बाद ये कानून का रूप लेगा। वहीं कांग्रेस समेत कई विपक्षी दलों ने इस विधयेक को सेलेक्ट कमेटी को भेजने की मांग रखी है। इसी सिलसिले में कांग्रेस के प्रमुख प्रवक्ता रणदीप सिंह सुरजेवाला ने ट्वीट कर कहा, ‘क़ानून मुस्लिम महिलाओं और बच्चों को स्वावलंबी बनाने एवं सम्मानजनक तौर से जीवनयापन करने के मूलभूत मापदंडों पर खरा नहीं उतरता।

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सच्चाई यह है कि भाजपा सरकार की कथनी और करनी में हमेशा अंतर रहा है। यह कानून भी कोई अपवाद नहीं।’
उल्लेखनीय है कि केंद्रीय कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद आज राज्यसभा में ट्रिपल तलाक पर रोक लगाने का विधेयक पेश करेंगे। पहले यह बिल मंगलवार को ही राज्यसभा में रखा जाना था। लेकिन, विपक्षी दलों में आम राय नहीं हो पाने के कारण सरकार ने इसे पेश नहीं किया। 

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